29 जून 2026, सोमवार | वैशाख मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया | विक्रम संवत 2083

मेरे पुत्र ने धर्म की रक्षा हेतु अपना शीश अर्पित किया था पर आज उन्हीं के नाम पर सेवादारों द्वारा धर्म की आड़ में पाखंड सेवा के नाम पर अधर्म हो रहा है श्याम नाम की मर्यादा का अपमान हो रहा है जिससे मेरा ह्रदय व्यतीत है यह श्याम का ही नहीं संपूर्ण सनातन धर्म का अपमान है अब समय आ गया है कि मेरा "होना सुनिश्चित है धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए और सनातन की मर्यादा को पुनर्स्थापित करने के लिए मैं शीघ्र ही अवतरण लूंगी।

श्री श्याम माता मोरवी मंदिर निर्माण के बारे में

“श्री श्याम माता मोरवी मंदिर” का निर्माण राजस्थान के ग्राम लख्खीपुरा में प्रस्तावित है। यह पावन स्थल माता मोरवी की तपोभूमि के रूप में श्रद्धा एवं आस्था का केंद्र माना जाता है। जनश्रुतियों एवं स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, माता मोरवी ने अपने पुत्र वीर बर्बरीक द्वारा शीश दान किए जाने के पश्चात द्वापर युग से लेकर कलयुग तक इसी पवित्र भूमि पर कठोर तपस्या की तथा अपने पुत्र को दिव्य शक्तियों से अभिषिक्त किया। मातृत्व, त्याग, तपस्या और सनातन आस्था के इस दिव्य इतिहास को संरक्षित एवं विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से इस भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया है।

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श्री श्याम माता मोरवी का इतिहास

भारतीय संस्कृति की आत्मा केवल इतिहास में नहीं, बल्कि उन अमर कथाओं में बसती है जो युगों से जनमानस को प्रेरित करती आई हैं। इन्हीं दिव्य कथाओं में एक तेजस्वी नाम है - माता मोरवी।

वे केवल दैत्यराज मूर की पुत्री या वीर बर्बरीक (श्याम बाबा) की माता ही नहीं थीं बल्कि वे शक्ति, ज्ञान, त्याग और तपस्या का अद्वितीय संगम थीं। उनका जीवन एक ऐसी साधना थी जिसमें प्रतिशोध की ज्वाला ज्ञान में परिवर्तित होती है, जो मातृत्व धर्म की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान बन जाता है।

कामरूप की तांत्रिक भूमि में जन्मी माता मोरवी ने अस्त्र और शस्त्र दोनों में सिद्धि प्राप्त की, परंतु श्रीकृष्ण के विराट रूप के दर्शन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। एक योद्धा का अहंकार साधना में रूपांतरित हुआ, और उसी साधना ने उन्हें उस महान भूमिका के लिए तैयार किया, जहाँ वे इतिहास के सबसे अद्वितीय बलिदान की जननी बनने वाली थीं।

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समिति सदस्य

समर्पण और निष्ठा के साथ मंदिर ट्रस्ट की सेवा करने वाले समर्पित व्यक्ति।

गृहस्थ आचार्य महामंडलेश्वर अखाड़ाधिश्वर
डॉ. दीनदयाल जाखड़
सनातन धर्म रक्षा अखाड़ा परिषद
अध्यक्ष
श्री श्याम माता मोरवी मंदिर निर्माण समिति
गृहस्थ श्री महंत कर्मधर्माध्यक्ष
श्री राज राजेश्वर शर्मा
सनातन धर्म रक्षा अखाड़ा परिषद
महासचिव
श्री श्याम माता मोरवी मंदिर निर्माण समिति
गृहस्थ श्री कोष रक्षक
श्री अरविन्द राज
सनातन धर्म रक्षा अखाड़ा परिषद
कोषाध्यक्ष
श्री श्याम माता मोरवी मंदिर निर्माण समिति